31 January 2010

देख तेरे संसार कि हालत क्या होगई भगवान् ,

क्या कहूँ मैं ,
क्या सुनु मैं ,
क्या अमर है ,
क्या मुलायम
क्या माया है
क्या होगा कलायन
देख तेरे संसार कि हालत क्या होगई भगवान् ,

कैसी पार्टी कैसे लोग
कैसे वादे कैसे कसमे
कैसा है दिल का हाल
कैसा राजा कैसा रंक
मैं हूँ इन सब से अनजान
देख तेरे संसार कि हालत क्या होगई भगवान् ,

शेष आगे .....................



23 October 2009

अंत कब तक ...........

सब कुछ खलाश
जिन्दगी एक लाश
बातें बकवास
घर बनवास
किताबे उपन्यास
agan kavristaan
फ़ोन bana janjaal
pani कला पानी
हर पर एक नयी चाहत
और धुन्धता हूँ में
एक कोना
एक बिछोना
कुछ सिसकियाँ
कुछ रोना
दुनिया से दूर
एक ........
नयी दुनिया की तलाश
मेरी जिन्दगी मेरी तलाश

कभी सोचा न था ......... कि आप भी.... मेरे ब्लोग पे होंगे !